Miracle of Bamboo
बाँस को चमत्कारी पौधा इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह अत्यंत तेज़ी से बढ़ता है, स्वाभाविक रूप से पुनः विकसित होता है और पारंपरिक फसलों से कहीं अधिक लाभ प्रदान करता है। एक बार स्थापित होने के बाद बाँस हर वर्ष नई कोपलें देता है, बिना दोबारा रोपण के, जिससे यह एक टिकाऊ और कम देखभाल वाली फसल बन जाती है।


2. जहाँ बारिश का पानी भरा रहता है वहाँ भी बाँस ग्रो करता है
बाँस की जड़ें अधिक नमी को सहन करने में सक्षम होती हैं।
बरसात में जहाँ खेत में कुछ समय तक पानी भरा रहता है, वहाँ भी बाँस सुरक्षित रूप से ग्रो कर सकता है।
लगातार नमी मिलने से जड़ें ज्यादा सक्रिय रहती हैं और नई कोपलें (Bamboo Shoot) तेज़ी से निकलती हैं, इसलिए ऐसे क्षेत्र भी बाँस खेती के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।
1. बिजली (Thunder) का असर
बाँस एक ऐसा पौधा है जो प्राकृतिक नमी और वातावरण की ऊर्जा का बहुत तेज़ी से उपयोग करता है।
आसमान में गरज-तूफान के समय बिजली चमकती है। इस प्रक्रिया में वातावरण की नाइट्रोजन (Nitrogen) प्राकृतिक रूप से सक्रिय होकर बारिश के साथ मिट्टी में घुल जाती है।
नाइट्रोजन पौधों की ग्रोथ के लिए सबसे ज़रूरी पोषक तत्व है, जिससे बाँस की नई कोपलें (Bamboo Shoot) बहुत तेजी से बढ़ने लगती हैं।

3. औद्योगिक क्षेत्र में भी बाँस अच्छी तरह ग्रो करता है

पत्थर वाली जमीन में भी बांश की खेती हो सकती है।
120 Ft लंबा होने वाला Gigentus Bamboo

2.5 साल में सॉल्टेड जमीन को बॉम्बू ने सुधार दिया।

सीधा होनेवाला बॉम्बू 3 साल मेें इंडस्ट्रियल use में।


हर साल जल्दी बढ़ने वाला बॉम्बू।
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